बिटकॉइन ने बनाया नया रिकॉर्ड: 1,22,000 डॉलर के पार, अमेरिका में क्रिप्टो कानून से बढ़ी उम्मीदें

जानिए कैसे बिटकॉइन ने 1,22,000 डॉलर की नई ऊंचाई छू ली है। अमेरिका में क्रिप्टो वीक और नए कानूनों की चर्चा से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है। क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी? पूरी खबर सरल हिंदी में।

क्रिप्टो की दुनिया में एक बार फिर जबरदस्त हलचल मची है। बिटकॉइन ने इस बार सबको चौंकाते हुए नया रिकॉर्ड बना डाला। सोमवार को इसकी कीमत 1,22,000 डॉलर के पार पहुंच गई। सोचो, अभी कुछ महीने पहले तक लोग कह रहे थे कि बिटकॉइन खत्म हो जाएगा और आज वही बिटकॉइन सबको हैरान कर रहा है। जो लोग पहले से इसमें टिके हुए हैं, उनकी तो बल्ले-बल्ले हो गई, और जो बाहर बैठे देख रहे थे, उनके मन में थोड़ी बेचैनी भी है कि कहीं मौका हाथ से ना निकल जाए।

ट्रंप का क्रिप्टो प्रेम और लोगों की उम्मीदें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद क्रिप्टो के जबरदस्त सपोर्टर हैं। चुनाव से पहले उन्होंने एक बिटकॉइन कॉन्फ्रेंस में जाकर बोला था कि वो अमेरिका को क्रिप्टो की राजधानी बना देंगे। अब उनका परिवार भी अपना क्रिप्टो बिजनेस और टोकन लॉन्च कर चुका है। भले ही लोग इस पर अलग-अलग राय रखते हों, लेकिन एक बात तो तय है कि इससे बाजार में जबरदस्त हलचल रहती है। अब जब उनके कार्यकाल में संसद में क्रिप्टो पर कानून बनने की उम्मीद है, तो लोगों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

कौन से कानून हैं चर्चा में

इस हफ्ते जिन बिलों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें पहला है The Clarity Act। ये कानून क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स के लिए साफ-सुथरे नियम तय करने की बात करता है। इससे ये तय होगा कि कौन सी क्रिप्टो सिक्योरिटी मानी जाएगी, किस पर टैक्स लगेगा और इसे कैसे रेगुलेट किया जाएगा। इससे बहुत सी उलझनें खत्म हो सकती हैं। दूसरा बिल है The Genius Act। ये कानून स्टेबलकॉइन्स को लेकर है, यानी वो क्रिप्टो जो किसी असली करेंसी से जुड़ा होता है, जैसे अमेरिकी डॉलर। अब सुनने में आ रहा है कि Amazon और Walmart जैसी बड़ी कंपनियां भी अपना डिजिटल डॉलर लॉन्च करने की सोच रही हैं।

बिटकॉइन की तेजी बाकी क्रिप्टो को भी खींच रही है

बिटकॉइन की तेजी से सिर्फ वही नहीं बढ़ रहा, बल्कि पूरी क्रिप्टो मार्केट में नई जान आ गई है। इथेरियम भी अब 3,000 डॉलर के ऊपर चला गया है। साथ ही जिन कंपनियों का धंधा क्रिप्टो पर टिका है, जैसे Coinbase और MSTR, उनके शेयर भी तेजी से ऊपर जा रहे हैं। मार्केट में एक पॉजिटिव माहौल है और लोग अब फिर से उम्मीद लगाने लगे हैं कि बिटकॉइन और ऊंचाई छू सकता है।

बड़े निवेशक कर रहे हैं भारी इन्वेस्टमेंट

एक और बड़ी बात ये है कि इस बार की तेजी में छोटे-छोटे ट्रेडर्स का नहीं, बल्कि बड़े-बड़े निवेशकों का हाथ ज्यादा है। रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले छह से आठ हफ्तों में करीब 15 अरब डॉलर बिटकॉइन ETF के जरिए बाजार में लगाए गए हैं। ये ऐसे निवेशक होते हैं जो रातोंरात डर कर भाग नहीं जाते, बल्कि लंबी सोच रखते हैं। इससे साफ दिखता है कि बड़े लोग मानते हैं कि बिटकॉइन अभी और ऊपर जाएगा।

खतरे भी हैं, सबकुछ चकाचौंध नहीं

इतना सबकुछ पॉजिटिव है, लेकिन कुछ खतरे भी हैं। जैसे अगर अमेरिका का फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा दे या ट्रेड पर टैक्स बढ़ा दे, तो क्रिप्टो पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए आंख मूंदकर खुशियां मनाना भी सही नहीं। लेकिन फिलहाल बाजार में माहौल काफी अच्छा है और लोग मान रहे हैं कि ये रैली और लंबी चल सकती है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर बिटकॉइन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। इस बार जो तेजी आई है, उसके पीछे मजबूत वजहें भी हैं। अब सबकी नजरें इस हफ्ते अमेरिकी संसद पर टिकी हैं कि वहां कौन-कौन से कानून पास होते हैं और इससे बाजार पर क्या असर पड़ेगा। अगर सबकुछ ठीक रहा, तो शायद अगले कुछ हफ्तों में ही बिटकॉइन को 1,25,000 डॉलर या उससे ऊपर जाते हुए देखने को मिल सकता है।